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इलेक्ट्रीशियन से बना आतंकवादी, पुलिस ने भी नहीं दिया उतना ध्यान; कैसे सेना को बड़ा जख्म दे गया उजैर खान

पुलिस ने गडोले जंगलों से एक जला हुआ शव बरामद किया। इसके बारे में उन्हें संदेह था कि यह एक आतंकवादी का शव है। इसके बाद पुलिस ने शव और उजैर के परिवार की डीएनए प्रोफाइलिंग का फैसला किया।

Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,अनंतनागTue, 19 Sep 2023 10:55 PM
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के एडीजीपी विजय कुमार ने मंगलवार को बताया कि अनंतनाग में मारे गए दो आतंकवादियों में लश्कर कमांडर उजैर खान भी शामिल है। सुरक्षा बलों को यह सफलता ऑपरेशन के 7वें दिन मिली। यह अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकवादी अनंतनाग के घने जंगलों में छिपे हुए थे और 13 सितंबर को उन्होंने 4 सुरक्षा बलों के जवानों को मार डाला था। इनमें सेना के दो बड़े अफसर शामिल थे। मुठभेड़ में भारतीय सेना के 2 वरिष्ठ अधिकारी, 1 जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस का 1 अधिकारी शहीद हो गए। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राइफल्स की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) के कमांडर कर्नल मनप्रीत सिंह, कंपनी कमांडर मेजर आशीष धोनक और डीएसपी हुमायूं भट बुधवार को कार्रवाई में मारे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि सिपाही प्रदीप सिंह बुधवार से लापता थे और उनका शव भी सोमवार को बरामद किया गया।

ऐसे आतंकियों कि कैटेगरी बनाती है पुलिस

सात दिन तक चली इस मुठभेड़ के पीछे एक ऐसा आतंकवादी था जो पुलिस की प्राथमिकता सूची में निचले स्थान पर था। इस 10 लाख के इनामी आतंकी का नाम उजैर खान था। घाटी में, जम्मू और कश्मीर पुलिस प्रत्येक स्थानीय आतंकवादी का प्रोफाइल रखती है। इसमें आतंकी की उम्र, शैक्षिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि, वैचारिक झुकाव और सैन्य विशेषज्ञता शामिल होती है। अंडरग्राउंड आतंकवादियों की प्रोफाइलिंग करते समय, पुलिस उन्हें ए, ए+, ए++, या बी की कैटेगरी में रखती है। आतंकियों की कैटेगरी तय करते समय कई फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाता है, जैसे - आतंकवादी कितना घातक है, उसने कितने हमले या हत्याएं की हैं, उसकी सैन्य समझ, उसकी आतंकवादी संगठन में स्थिति, या एक मुख्य आतंकी के रूप में उभरने की क्षमता कितनी है।

उजैर खान पुलिस की रडार पर था, लेकिन...

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल से अधिक समय तक, उजैर खान पुलिस की रडार पर था। यह उन 50 से कम स्थानीय आतंकवादियों में से एक था, जिसे पुलिस ने 'बी' कैटेगरी में रखा था। यह कैटेगरी अपेक्षाकृत कम घातक आतंकी के लिए है। इसमें ऐसे आतंकियों को रखा जाता है जिनमें आतंकी संगठन के बीच मुख्य व्यक्ति के रूप में उभरने की संभावना नहीं होती है। लेकिन तीन शीर्ष अधिकारियों की हत्या ने सुरक्षाबलों को चौंका दिया। पुलिस का मानना है कि उजैर ही इन हत्याओं के पीछे था।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों के साथ पिछले सात दिनों से जारी मुठभेड़ मंगलवार को खत्म हो गई। कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने मंगलवार को बताया कि मारे गए दो आतंकवादियों में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर उजैर खान भी शामिल है। एडीजीपी ने अनंतनाग में संवाददाताओं को बताया, “अभी तक लश्कर कमांडर उजैर खान का शव बरामद किया जा चुका है। दूसरे आतंकी का शव दिख रहा है, लेकिन अभी तक उसे निकालना संभव नहीं हो सका है।”

इलेक्ट्रीशियन बना आतंकवादी

आतंकवादी बनने से पहले उजैर खान एक इलेक्ट्रीशियन था। वह दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग के नागम गांव का रहने वाला था। 28 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन ने पिछले साल जुलाई में घर छोड़ा था। कुछ दिनों बाद पुलिस को पता चला कि वह दक्षिण कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादियों में शामिल हो गया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ''उसे कभी भी बड़े खतरे के रूप में नहीं देखा गया।''

इस साल मई में, पुलिस उजैर खान को खत्म करने के बेहद करीब थी जब उन्होंने उसे कोकेरनाग के सगाम के घने जंगल इलाके में घेर लिया। हालांकि, थोड़ी देर की गोलीबारी के बाद वह भागने में सफल रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने कहा कि इसके बाद उसने अपना ठिकाना स्थायी रूप से कोकेरनाग के घने जंगलों में शिफ्ट कर दिया। यह वह इलाका था जिसके बारे में उजैर अच्छी तरह से जानता था। उसने इलाके के बारे में अपनी जानकारी से विदेशी आतंकवादियों के एक समूह की भी मदद की थी।

बासित डार जैसे 'बड़े' आतंकवादियों पर था ध्यान...

पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमें जानकारी मिली थी कि वह विदेशी आतंकवादियों के मार्गदर्शक के रूप में काम करने के लिए उनके एक समूह में शामिल हो गया था। इस पूरे समय हमारा ध्यान बासित डार जैसे 'बड़े' आतंकवादियों पर था।" ग्रामीणों के अनुसार, उजैर खान के माता-पिता तब अलग हो गए थे जब वह छोटा था। अपनी मां की मृत्यु के बाद, वह अपने पिता और सौतेली मां के साथ रहता था, लेकिन अंततः उनके संबंधों में खटास आ गई। उजैर खान और उसके छोटे भाई को उसके नाना ने आश्रय दिया। 2022 की गर्मियों में लापता होने से पहले तक वह नाना के साथ ही रहता था। गडोले गोलीबारी में तीन वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने के एक दिन बाद गुरुवार को कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) विजय कुमार ने कहा कि इस हमले में उजैर और एक-दो अन्य आतंकवादी जिम्मेदार थे।

सेना का हमला, जलकर मरा उजैर खान

रविवार को, पुलिस ने गडोले जंगलों से एक जला हुआ शव बरामद किया, जिसके बारे में उन्हें संदेह था यह एक आतंकवादी का शव है। इसके बाद पुलिस ने शव और उजैर के परिवार की डीएनए प्रोफाइलिंग का फैसला किया। मंगलवार को एडीजीपी कुमार ने पुष्टि की करते हुए कहा कि मुठभेड़ में मारा गया आतंकवादी उजैर ही था। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह बुधवार को दक्षिण कश्मीर जिले के गडोले वन क्षेत्र में शुरू हुई गोलीबारी खत्म हो गई है, लेकिन तलाशी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “एक बहुत बड़ा क्षेत्र है जहां तलाशी ली जानी बाकी है। बहुत सारे गोले हो सकते हैं जिनमें विस्फोट न हुआ हो, उन्हें बरामद कर नष्ट किया जाएगा। हम लोगों से अपील करते हैं कि वे इस क्षेत्र में न जाएं।”

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